Histry of india
दोस्तो हमारे भारत मे कुछ ऐसे अनसुलझे रहस्य है जिसे आज तक विज्ञान भी नही सुलझा पाया आज मैं आप को उन्ही रहस्यों के बारे में आप को बताने वाला हु !
नंबर 1. हम बात कर रहे है भारत में स्थित (भीम कुंड) की जो कि मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से 80 किलोमीटर दूर स्थित है ये कुंड प्रकृतिक स्त्रोत का जल कुंड है ओर इसका पानी पीने योग्य है लेकिन वैज्ञानिक आज तक इसका पता नही लगा पाए है की इस कुंड में पानी कहाँ से आता है इस कुंड के आस पास ओर दूर दूर तक कोई पानी के स्त्रोत नही है ओर सूखे के समय इस इलाके में पानी की किल्लत हो जाती है लेकिन इस जल कुंड का पानी (1इंच) तक कम नही होता कई बार भीम कुंड की गहराई नापने की कोशिश भी की गई लेकिन हर बार असफलता ही हाथ लगी पूरी दुनिया मे जितने भी साफ पानी के जल कुंड है वो ज्यादा गहरे नही है लेकिन ( भीम कुंड ) इतना गहरा है की हर कोशिश के बाद भी इसकी गहराई नापी नही जा सकी लेकिन स्थानीय लोगो का कहना है कि इस कुंड में डूबने के बाद शरीर ऊपर की तरफ नही आता ओर इसकी अनंत गहराई में पहुँच जाता है किसी ओर जगह देखेंगे तो मरने के बाद शरीर पानी के ऊपर आ जाता है मगर इस कुंड में ऐसा कभी नही होता मान्यता यह भी है कि जब कोई प्राकृतिक आपदा आने वाली होती है तो इस जल कुंड में जल हरकत करने लगता है साल 2004 में भूकंप ओर सुनामी के समय इस कुंड का पानी 20 फिट ऊपर की तरफ बढ़ने लगा था ओर इस बात की चर्चा उस समय पूरे दुनिया मे होने लगी थी बस इसी बात की जाँच करने के लिए (Discovery Channel) डिसकवरी चैनल की एक टीम यहाँ आयी थी लेकिन कई दिनों की कोशिशों के बाद वो खाली हाथ वापस लौट गए (Discovery) की टीम इस कुंड की गहराई नही नाप पाई ओर नाही इसके इसके स्त्रोत का पता लगा पाई इस कुंड की गहराई नापने के लिए टीम ने अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया था लेकिन उससे भी कोई फायदा नही हुवा सबसे पहले उनका कहना था कि इस जल कुंड का स्त्रोत समुद्र से है लेकिन इतना ज्यादा जोर से समुद्र का पानी यहाँ आने का उनके पास कोई जवाब नही था इस कुंड का पानी साफ और पीने के योग्य है जबकि समुद्र का पानी खारा होता है ये बात हम सभी जानते है पुरानी मान्यताओं की अगर बात करे तो जब द्रोपती को प्यास लगी थी तब भीम ने जल ढूंढने का बहोत प्रयास था किया था लेकिन तब उन्हें जल नही मिल रहा था लेकिन तब गुस्से में आकर भीम ने अपनी गदा से जमीन पर प्रहार कर इस कुंड का निर्माण किया था तभी से इस कुंड का नाम (भीम कुंड) के नाम से जाना जाने लगा इस कुंड का रहस्य आज तक कोई नही सुलझा पाया है !
दस्तो आप को क्या लगता है हमे कॉमेंट सेक्शन में जरूर बताएं ताकि आगे भी हम ऐसे कुछ अनसुलझे रहस्य आप के सामने ला पाए
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| भीम कुंड |
नंबर 1. हम बात कर रहे है भारत में स्थित (भीम कुंड) की जो कि मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से 80 किलोमीटर दूर स्थित है ये कुंड प्रकृतिक स्त्रोत का जल कुंड है ओर इसका पानी पीने योग्य है लेकिन वैज्ञानिक आज तक इसका पता नही लगा पाए है की इस कुंड में पानी कहाँ से आता है इस कुंड के आस पास ओर दूर दूर तक कोई पानी के स्त्रोत नही है ओर सूखे के समय इस इलाके में पानी की किल्लत हो जाती है लेकिन इस जल कुंड का पानी (1इंच) तक कम नही होता कई बार भीम कुंड की गहराई नापने की कोशिश भी की गई लेकिन हर बार असफलता ही हाथ लगी पूरी दुनिया मे जितने भी साफ पानी के जल कुंड है वो ज्यादा गहरे नही है लेकिन ( भीम कुंड ) इतना गहरा है की हर कोशिश के बाद भी इसकी गहराई नापी नही जा सकी लेकिन स्थानीय लोगो का कहना है कि इस कुंड में डूबने के बाद शरीर ऊपर की तरफ नही आता ओर इसकी अनंत गहराई में पहुँच जाता है किसी ओर जगह देखेंगे तो मरने के बाद शरीर पानी के ऊपर आ जाता है मगर इस कुंड में ऐसा कभी नही होता मान्यता यह भी है कि जब कोई प्राकृतिक आपदा आने वाली होती है तो इस जल कुंड में जल हरकत करने लगता है साल 2004 में भूकंप ओर सुनामी के समय इस कुंड का पानी 20 फिट ऊपर की तरफ बढ़ने लगा था ओर इस बात की चर्चा उस समय पूरे दुनिया मे होने लगी थी बस इसी बात की जाँच करने के लिए (Discovery Channel) डिसकवरी चैनल की एक टीम यहाँ आयी थी लेकिन कई दिनों की कोशिशों के बाद वो खाली हाथ वापस लौट गए (Discovery) की टीम इस कुंड की गहराई नही नाप पाई ओर नाही इसके इसके स्त्रोत का पता लगा पाई इस कुंड की गहराई नापने के लिए टीम ने अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया था लेकिन उससे भी कोई फायदा नही हुवा सबसे पहले उनका कहना था कि इस जल कुंड का स्त्रोत समुद्र से है लेकिन इतना ज्यादा जोर से समुद्र का पानी यहाँ आने का उनके पास कोई जवाब नही था इस कुंड का पानी साफ और पीने के योग्य है जबकि समुद्र का पानी खारा होता है ये बात हम सभी जानते है पुरानी मान्यताओं की अगर बात करे तो जब द्रोपती को प्यास लगी थी तब भीम ने जल ढूंढने का बहोत प्रयास था किया था लेकिन तब उन्हें जल नही मिल रहा था लेकिन तब गुस्से में आकर भीम ने अपनी गदा से जमीन पर प्रहार कर इस कुंड का निर्माण किया था तभी से इस कुंड का नाम (भीम कुंड) के नाम से जाना जाने लगा इस कुंड का रहस्य आज तक कोई नही सुलझा पाया है !
दस्तो आप को क्या लगता है हमे कॉमेंट सेक्शन में जरूर बताएं ताकि आगे भी हम ऐसे कुछ अनसुलझे रहस्य आप के सामने ला पाए


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